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रात में 3-4 बजे ही आते हैं सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हारà¥à¤Ÿ अटैक? आखिर कà¥à¤¯à¤¾ है इसका कारण
आराम से सो रहें और अचानक सीने में तेज दरà¥à¤¦ हो और डॉकà¥à¤Ÿà¤° के यहां à¤à¤¾à¤—ना पड़े. हारà¥à¤Ÿ के मामले में अधिकांश तौैर पर यही देखा जाता है. हारà¥à¤Ÿ अटैक के मामाले सà¥à¤¬à¤¹ के समय अधिक देखने को मिलते हैं
Heart Disease: हारà¥à¤Ÿ डिसीज लाइफ सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² से जà¥à¥œà¤¾ रोग है. खराब लाइफ सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² होने पर इस रोग के अधिक होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है. हाइपरटेंशन, डायबिटीज जैसी बीमारी से यदि आप जूठरहे हैं, तब à¤à¥€ हारà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® होने का खतरा अधिक है. पिछले दो साल में हारà¥à¤Ÿ अटैक से कई सेलिबà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€à¤œ की मौत ने इस बीमारी ने अटेंशन अपनी ओर खींचा है. लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि किस वकà¥à¤¤ हारà¥à¤Ÿ अटैक होने का खतरा अधिक होता है? कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ माना जाता हैै कि सà¥à¤¬à¤¹ के समय हारà¥à¤Ÿ अटैक अधिक आते हैं?
सà¥à¤¬à¤¹ के समय डेड सेलà¥à¤¸ अधिक होती हैं
सà¥à¤ªà¥‡à¤¨ के विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ ने à¤à¥€ इसको लेकर रिसरà¥à¤š की थी. रिसरà¥à¤š में सामने आया कि सà¥à¤¬à¤¹ 3-4 बजे और उसके बाद होने वाले हारà¥à¤Ÿ अटैक अनà¥à¤¯ समय की अपेकà¥à¤·à¤¾ अधिक खतरनाक होते हैं. यह हारà¥à¤Ÿ अटैक इतना सीवियर होता है कि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के बचने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बहà¥à¤¤ कम रहती है. इसके पीछे वजह बताई गई कि सà¥à¤¬à¤¹ 3-4 बजे और उसके बाद के कà¥à¤› घंटों में डेड मसलà¥à¤¸ सेल दिन की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में 20% अधिक होते हैं. हारà¥à¤Ÿ पूरी बॉडी को बà¥à¤²à¤¡ सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ रता है. इसके अलावा डेड सेलà¥à¤¸ का हटाने का काम à¤à¥€ करना होता है. इसी कारण हारà¥à¤Ÿ पर बहà¥à¤¤ अधिक दबाव काम करने का पड़ जाता है. à¤à¤• और विशेष बात, आराम होने की अवसà¥à¤¥à¤¾ होने के चलते बà¥à¤²à¤¡ वेसेलà¥à¤¸ थोड़ी सिकà¥à¥œà¥€ हà¥à¤ˆ होती हैं. बà¥à¤²à¤¡ के जो थकà¥à¤•े बà¥à¤²à¤¡ सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ बाधित होने पर हारà¥à¤Ÿ अटैक आ जाते हैं.
सरà¥à¤•ेडियन सिसà¥à¤Ÿà¤® à¤à¥€ जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°
मीडिया रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, बà¥à¤°à¤¿à¤—हम à¤à¤‚ड वोमेनà¥à¤¸ हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² के सीनियर डॉकà¥à¤Ÿà¤° फैà¥à¤°à¤‚क à¤à¤œà¥‡à¤à¤² शीर सकैरà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¨ सिसà¥à¤Ÿà¤® की à¤à¥‚मिका और हेलà¥à¤¥ पर उसके इफेकà¥à¤Ÿ को लेकर रिसरà¥à¤š कर रहे हैं. सरà¥à¤•ेडियन सिसà¥à¤Ÿà¤® दिनà¤à¤° जागने, इमोशन को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होता है. डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤œà¥‡à¤à¤² शीर कहते हैं कि सरà¥à¤•ेडियन रिदम यानि बॉडी कà¥à¤²à¤¾à¤• ही सà¥à¤¬à¤¹ के समय हारà¥à¤Ÿ अटैक और सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• आने के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° है. सरà¥à¤•ैडियन सिसà¥à¤Ÿà¤® बहà¥à¤¤ से साइकोलॉजिकल पैरामीटर को रैगà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ कर सकती है. वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ बहà¥à¤¤ अधिक सेंसटिव हो सकता है. जिसका बॉडी पर निगेटिव इफेकà¥à¤Ÿ पड़ता है. उदाहरण के तौर पर à¤à¤¸à¥‡ समà¤à¤¿à¤ कि इसी सिसà¥à¤Ÿà¤® की वजह से हारà¥à¤Ÿ सà¥à¤¬à¤¹ के समय बà¥à¤²à¤¡ के कà¥à¤²à¥‰à¤Ÿ खतà¥à¤® नहीं कर पाता और हारà¥à¤Ÿ अटैक आ जाता है.
इस सेलà¥à¤¸ के होने की बड़ी à¤à¥‚मिका
सà¥à¤¬à¤¹ के समय हारà¥à¤Ÿ अटैक आने को लेकर लगातार रिसरà¥à¤š à¤à¥€ चल रही है. रिसरà¥à¤š में सामने आया है कि सà¥à¤¬à¤¹ के समय सरà¥à¤•ेडियन सिसà¥à¤Ÿà¤® PAI-1 सेलà¥à¤¸ अधिक रिलीज करता है. बà¥à¤²à¤¡ में जो थकà¥à¤•े बनते हैं. यह सेलà¥à¤¸ इन थकà¥à¤•ों को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ का काम करता है. इसी वजह से हारà¥à¤Ÿ अटैक आते हैं.
तो फिर बचाव के लिठकà¥à¤¯à¤¾ करें?
इंडियन मेडिकल à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ के सदसà¥à¤¯ डॉ. संजीव अगà¥à¤°à¤µà¤¾à¤² ने बताया कि हारà¥à¤Ÿ अटैक आजकल सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चरà¥à¤šà¤¿à¤¤ बीमारी है. इस बीमारी से बचाव के लिठअहतियात बरतना जरूरी है. तनाव से बचने के लिठयोग करें. à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ को रूटीन में शामिल करें. रात को तनाव फà¥à¤°à¥€ होकर सोà¤à¤‚. जंक पफूड, शराब, सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग से दूर रहें. हारà¥à¤Ÿ में किसी तरह की बैचेनी हो रही है तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाà¤à¤‚.
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